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Jio Speeds Up 2G Internet’s Decline, Says Research, रिलायंस जियो के कारण 2जी मोबाइल इंटरनेट बंद होने के करीब: रिपोर्ट – NDTV Gadgets360.com

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Jio Speeds Up 2G Internet’s Decline, Says Research, रिलायंस जियो के कारण 2जी मोबाइल इंटरनेट बंद होने के करीब: रिपोर्ट – NDTV Gadgets360.com


भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री में 4जी नेटवर्क रिलायंस जियो की एंट्री के साथ ही क्रांतिकारी बदलाव हुए। रिलायंस जियो ने मुफ्त हाई-स्पीड डेटा देने के साथ शुरुआत की। जिसके चलते देश में तेजी से डेटा ख़पत में बढ़ोत्तरी हुई और 3जी हैंडसेट अब धीरे-धीरे पुरानी चीज बनते जा रहे हैं। और अब ऐसा लगता है कि मोबाइल पर 2जी इंटरनेट का ज़माना बीत चुका है क्योंकि देश में पूरी तरह से 4जी का कब्ज़ा हो रहा है। देश में 2जी नेटवर्क के ख़ात्मे के लिए जियो जिम्मेदार रही है। कहा जा सकता है कि मुफ्त 4जी इंटरनेट और दूसरी कंपनियों के भी कम दाम में ज़्यादा 4जी डेटा ऑफर के चलते 2जी की छुट्टी हो गई।

गुड़गांव की साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जून 2019 से 2जी नेटवर्क पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। सीएमआर- टेलीकम्युनिकेशंस और ईएसडीएम के मुख्य विश्लेषक फैसल कावूसा ने एक रिसर्च नोट में बताया कि जियो के बाज़ार में आने से पहले, देश में 2जी मोबाइल इंटरनेट के 2022 तक मौज़ूद रहने का अनुमान था और तिमाही औसत दर के हिसाब से करीब 3 प्रतिशत की कमी आ रही था। हालांकि, जियो की मुफ्त 4जी सेवाओं (कम से कम पहले छह महीनों के लिए) के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने हाई-स्पीड डेटा का इस्तेमाल शुरू कर दिया। जिसके चलते 2जी मोबाइल इंटरनेट में हर तिमाही में करीब 12 प्रतिशत तक की कमी आने लगी।

 

सीएमआर के रिसर्च नोट के अनुसार, जियो के बाज़ार में आने के तुरंत बाद अनुमान लगाया गया था कि देश में 2020 की पहली तिमाही तक मोबाइल सर्विस के लिए 2जी नेटवर्क की छुट्टी हो जाएगी। हालांकि, बाज़ार के रूख के हिसाब से अब 2-3 तिमाही पहले यानी जून 2019 के आसपास 2जी का ख़ात्मा हो जाएगा।

 

कावूसा ने रिसर्च नोट में कहा, ”फ़ीचर फोन में 4जी सेल्युलर क्षमता आने और टेलीकॉम कंपनियों द्वारा एंट्री-लेवल स्मार्टफोन के लिए बंडल डेटा ऑफर दिए जाने के चलते, 4जी तेजी से डिफॉल्ट तौर पर वायरलेस इंटरनेट बनता जा रहा है।”
 
उनका कहना है कि टेलीकॉम ऑपरेटर को अपने मौज़ूदा 2जी इंटरनेट यूज़र को हाई-स्पीड 4जी नेटवर्क पर अपग्रेड करने के लिए काम करना होगा। कावूसा ने अपने रिसर्च नोट में कहा, ”कुछ एंट्री-लेवल स्मार्टफोन के साथ बंडल ऑफर देने से काम नहीं चलेगा” और ऑपरेटर को आगे आकर यूज़र को अपग्रेड करने के नए तरीके अपनाने होंगे।

एयरटेल, वोडाफोन और बीएसएनएल जैसी कंपनियों ने कम कीमत वाले एंट्री-लेवल स्मार्टफोन की प्रभावी कीमत कम करने के लिए स्मार्टफोन निर्मातओं के साथ साझेदारी की है। और इन फोन की खरीद पर कैशबैक दिया जा रहा है। रिलायंस जियो ने भी जियो फोन के नाम से 4जी क्षमता वाला फ़ीचर फोन पेश किया था, जो कैशबैक ऑफर के बाद मुफ्त हो जाता है। दोनों ही स्थिति में ग्राहकों को हैंडसेट खरीदने के लिए कुछ दाम चुकाने की जरूरत पड़ती है और इसके बाद कैशबैक पाने के लिए उन्हें एक निश्चित अमाउंट के रीचार्ज को भी हर महीने कराना पड़ेगा।



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